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भारत में जल संसाधन MCQs Class 9 | भूगोल Chapter 4 | JAC Board | QuizUp2

📘 भारत में जल संसाधन – कक्षा 9 भूगोल अध्याय 4

JAC/NCERT बोर्ड सिलेबस के अनुसार संपूर्ण अध्ययन सामग्री | विस्तृत सारांश, महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर, MCQs और संशोधन नोट्स

बोर्ड: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) कक्षा: 9 विषय: भूगोल (Geography) अध्याय: 4 अध्याय शीर्षक: भारत में जल संसाधन

भारत में जल संसाधन

जल ही जीवन है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में जल संसाधनों का प्रबंधन, संरक्षण और नदियों का अध्ययन राष्ट्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इस अध्याय में हम भारत की नदी प्रणालियों, झीलों, बहुद्देशीय परियोजनाओं और जल संकट के समाधानों का गहन अध्ययन करेंगे।

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🔹 अध्याय का परिचय

भारत में जल संसाधन, कक्षा 9 भूगोल का एक मौलिक और महत्वपूर्ण अध्याय है। जल न केवल मानव जीवन के लिए अपितु किसी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति, कृषि उत्पादन और औद्योगिक विकास के लिए आधारभूत संसाधन है। भारत विश्व की लगभग 16% जनसंख्या का भार वहन करता है, किंतु वैश्विक जल संसाधन का मात्र 4% ही हमारे पास उपलब्ध है। इस असंतुलन ने जल प्रबंधन की चुनौती को और गहन बना दिया है।

इस अध्याय का उद्देश्य छात्रों को भारत में जल के विभिन्न स्रोतों (नदियाँ, झीलें, भूजल, वर्षा जल) के वितरण, उनके उपयोग, संरक्षण की आवश्यकता और जल संबंधी समस्याओं से अवगत कराना है। साथ ही, नदी घाटी परियोजनाओं के बहुआयामी लाभों और उनसे जुड़े सामाजिक-पारिस्थितिक मुद्दों पर भी प्रकाश डाला गया है।

अध्याय के मुख्य सीखने के उद्देश्य:

  • भारत में जल संसाधनों के प्रकारों एवं वितरण को समझना।
  • हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की तुलनात्मक विशेषताओं का विश्लेषण करना।
  • बहुद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के उद्देश्य, लाभ एवं चुनौतियों का मूल्यांकन करना।
  • जल संरक्षण एवं प्रबंधन के विभिन्न उपायों की जानकारी प्राप्त करना।
  • राज्यों के बीच जल विवादों के कारणों पर चर्चा करना।
📌 परीक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण: यह अध्याय बोर्ड परीक्षा में लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों, मानचित्र कार्य तथा बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। नदियों के मानचित्र अंकन और परियोजनाओं के स्थान की पहचान अवश्य याद करें।

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🔹 विस्तृत विषयवस्तु एवं विश्लेषण

भारत की नदी प्रणालियाँ

भारत की नदियों को उनकी उत्पत्ति एवं प्रवाह क्षेत्र के आधार पर दो प्रमुख वर्गों में बाँटा गया है:

हिमालयी नदियाँप्रायद्वीपीय नदियाँ
हिमालय पर्वत से निकलती हैं।प्रायद्वीपीय पठार से निकलती हैं।
बारहमासी (Perennial) हैं, वर्ष भर जलमग्न रहती हैं।मौसमी (Seasonal) हैं, वर्षा पर निर्भर।
गहरी घाटियाँ बनाती हैं, नदी अपरदन क्रिया सक्रिय।उथली घाटियाँ, नदी निक्षेपण क्रिया प्रमुख।
लंबी यात्रा, विशाल जलग्रहण क्षेत्र।तुलनात्मक रूप से छोटी यात्रा।
उदाहरण: गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, सिंधु।उदाहरण: गोदावरी, कृष्णा, नर्मदा, ताप्ती, महानदी।

प्रमुख नदी घाटी परियोजनाएँ एवं राज्य:

  • भाखड़ा नांगल: सतलुज नदी (हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान)।
  • हीराकुंड: महानदी (ओडिशा) – विश्व का सबसे लंबा मिट्टी का बाँध (25.8 किमी)।
  • टिहरी बाँध: भागीरथी नदी (उत्तराखंड) – बहुउद्देशीय परियोजना।
  • सरदार सरोवर: नर्मदा नदी (गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान)।

बहुद्देशीय नदी घाटी परियोजनाएँ (Multipurpose River Valley Projects)

ये ऐसी बड़ी इंजीनियरिंग परियोजनाएँ हैं जिनके एक साथ कई उद्देश्य होते हैं। इन्हें "आधुनिक भारत के मंदिर" भी कहा जाता है।

मुख्य उद्देश्य:

  1. सिंचाई: कृषि क्षेत्र में विस्तार एवं फसलों को सुरक्षित जल आपूर्ति।
  2. जल विद्युत उत्पादन: पनबिजली के माध्यम से नवीकरणीय ऊर्जा का सृजन।
  3. बाढ़ नियंत्रण: नदियों के प्रवाह को विनियमित कर बाढ़ के प्रभाव को कम करना।
  4. मत्स्य पालन: जलाशयों में मछली पालन के अवसर पैदा करना।
  5. नौकायन एवं पर्यटन: जलाशय क्षेत्र में मनोरंजन एवं पर्यटन को बढ़ावा।
💡 याद रखें: बहुद्देशीय परियोजनाओं के नकारात्मक पक्ष भी हैं, जैसे – बड़े पैमाने पर विस्थापन, जलग्रहण क्षेत्र का जलमग्न होना, पारिस्थितिकी असंतुलन और नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा।

जल संरक्षण: आवश्यकता एवं उपाय

बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और जल प्रदूषण के कारण भारत में जल संकट गहराता जा रहा है। जल संरक्षण अब एक राष्ट्रीय प्राथमिकता है।

जल संरक्षण की प्रमुख तकनीकें:

  • वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting): छत के जल को एकत्र कर भूजल को पुनर्भरण करना। राजस्थान में इसकी परंपरागत प्रणाली (टांका, जोहड़) प्रसिद्ध है।
  • सूक्ष्म सिंचाई (Micro-irrigation): ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई द्वारा जल की बचत।
  • जल पुनर्चक्रण (Water Recycling): औद्योगिक एवं घरेलू उपयोग के बाद जल का शोधन कर पुनः उपयोग।
  • वनीकरण (Afforestation): वृक्षों द्वारा वर्षा जल के भूजल में रिसाव को बढ़ावा देना।
  • जन जागरूकता: 'जल शक्ति अभियान' जैसे राष्ट्रीय अभियान।

📚 अन्य महत्वपूर्ण अध्यायों का अध्ययन करें

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📝 अध्याय आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) - 10 प्रश्न

नीचे दिए गए 10 प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयास करें। प्रत्येक प्रश्न के लिए सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या "उत्तर दिखाएँ" बटन पर क्लिक करके देखी जा सकती है। ये प्रश्न JAC बोर्ड परीक्षा पैटर्न पर आधारित हैं।

1. भारत में जल संसाधनों का सबसे बड़ा स्रोत क्या है?
सही उत्तर: C (वर्षा जल)

भारत में जल संसाधनों का प्रमुख स्रोत वार्षिक वर्षा है जो लगभग 4000 घन किमी जल प्रदान करती है। यह कुल उपलब्ध जल का लगभग 70-75% है। नदियाँ और भूजल भी महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उनका स्रोत अंततः वर्षा ही है।

2. निम्नलिखित में से कौन-सी नदी प्रायद्वीपीय नदी नहीं है?
सही उत्तर: D (सतलुज)

सतलुज नदी एक हिमालयी नदी है जो तिब्बत में मानसरोवर झील के निकट से निकलती है। नर्मदा, ताप्ती और गोदावरी प्रायद्वीपीय पठार से निकलने वाली प्रमुख नदियाँ हैं।

3. 'बहुद्देशीय नदी घाटी परियोजना' का प्राथमिक उद्देश्य नहीं है:
सही उत्तर: D (भूमि संरक्षण)

बहुद्देशीय परियोजनाओं के मुख्य उद्देश्य सिंचाई, जल विद्युत उत्पादन, बाढ़ नियंत्रण, मत्स्य पालन, नौकायन आदि हैं। भूमि संरक्षण इनका प्राथमिक उद्देश्य नहीं है, हालाँकि कुछ अप्रत्यक्ष लाभ हो सकते हैं।

4. भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय लवणीय झील कौन-सी है?
सही उत्तर: B (सांभर झील)

सांभर झील राजस्थान में स्थित भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय लवणीय (खारे पानी की) झील है। यह नमक उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। चिल्का एक लैगून (समुद्री जल) है, जबकि डल और वूलर मीठे पानी की झीलें हैं।

5. 'भाखड़ा नांगल परियोजना' किस नदी से संबंधित है?
सही उत्तर: C (सतलुज)

भाखड़ा नांगल परियोजना हिमाचल प्रदेश में सतलुज नदी पर स्थित है। यह भारत की प्रमुख बहुद्देशीय परियोजनाओं में से एक है और पंजाब, हरियाणा व राजस्थान को सिंचाई व विद्युत आपूर्ति करती है।

6. 'दामोदर घाटी परियोजना' किस देश के सहयोग से शुरू की गई थी?
सही उत्तर: B (अमेरिका)

दामोदर घाटी परियोजना (DVC) की शुरुआत 1948 में अमेरिका की टेनेसी घाटी प्राधिकरण (TVA) के मॉडल पर की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य दामोदर नदी घाटी में बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई और विद्युत उत्पादन करना था।

7. जल संरक्षण की कौन-सी विधि सबसे प्राचीन और परंपरागत है?
सही उत्तर: B (वर्षा जल संचयन)

वर्षा जल संचयन भारत में सबसे प्राचीन जल संरक्षण विधि है। राजस्थान में 'टांका' और 'जोहड़', तमिलनाडु में 'एरी' और कर्नाटक में 'कट्टा' इसके परंपरागत उदाहरण हैं। आधुनिक तकनीकें जैसे ड्रिप सिंचाई बाद में विकसित हुईं।

8. निम्नलिखित में से कौन-सा राज्य 'नर्मदा बचाओ आंदोलन' से सबसे अधिक प्रभावित हुआ?
सही उत्तर: D (उपर्युक्त सभी)

नर्मदा बचाओ आंदोलन सरदार सरोवर बाँध (नर्मदा नदी) के विरोध में शुरू हुआ था। यह परियोजना गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र - तीनों राज्यों में फैली हुई है। इसलिए इन तीनों राज्यों के लोग (विशेषकर विस्थापित होने वाले) इस आंदोलन से प्रभावित हुए।

9. 'जल जीवन मिशन' का लक्ष्य क्या है?
सही उत्तर: B (हर घर नल का जल पहुँचाना)

जल जीवन मिशन (JJM) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसका उद्देश्य वर्ष 2024 तक देश के हर ग्रामीण घर में कार्यात्मक नल कनेक्शन (Functional Household Tap Connection - FHTC) के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

10. भारत में सबसे अधिक सिंचाई किस स्रोत से की जाती है?
सही उत्तर: B (कुँए एवं नलकूप)

भारत में कुल सिंचित क्षेत्र का लगभग 55-60% भाग भूजल (कुँए और नलकूपों) द्वारा सिंचित होता है। नहरें दूसरे स्थान पर हैं (लगभग 30%)। यह भूजल के अत्यधिक दोहन का एक प्रमुख कारण भी है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q: भारत में सबसे अधिक जल संकट वाला राज्य कौन-सा है?

A: विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, राजस्थान, गुजरात और हरियाणा जैसे राज्यों में जल संकट गंभीर है। राजस्थान के थार मरुस्थल में पानी की उपलब्धता सबसे कम है।

Q: राष्ट्रीय जल नीति कब घोषित की गई थी?

A: भारत की पहली राष्ट्रीय जल नीति वर्ष 1987 में अपनाई गई थी। इसे बाद में 2002 और 2012 में संशोधित किया गया।

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